
पेयजल सुरक्षा पर प्रशासन सतर्क: बिछुआसाहनी व सातभाई ढाना में जांच, क्लोरीनेशन और निरंतर निगरानी
दूषित भोजन की घटना के बाद एहतियातन कार्रवाई, सभी जल स्रोत सुरक्षित और स्थिति सामान्य
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
जिले के विकासखंड पांढुर्णा अंतर्गत ग्राम बिछुआसाहनी तथा बसाहट सातभाई ढाना में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने दोनों ग्रामों का निरीक्षण कर सभी पेयजल स्रोतों की जांच की। निरीक्षण के दौरान ग्राम बिछुआसाहनी में स्थापित तीन हैंडपंपों तथा नल-जल योजना के स्रोत (कुएं) और बसाहट सातभाई ढाना में स्थित नल-जल योजना स्रोत, निजी कुओं एवं तीन घरों से जल नमूने एकत्रित कर प्रयोगशाला में केमिकल एवं बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण के लिए भेजे गए।

सुरक्षा की दृष्टि से सभी स्रोतों का क्लोरीनेशन भी किया गया, ताकि पेयजल पूर्णतः सुरक्षित बना रहे और किसी भी प्रकार के संक्रमण की संभावना को रोका जा सके। उल्लेखनीय है कि बसाहट सातभाई ढाना के कुछ लोग दूषित भोजन के कारण अस्वस्थ हुए थे, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पेयजल स्रोतों की जांच एवं शुद्धिकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की। जिला प्रशासन द्वारा आमजन के स्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल उपलब्धता के लिए सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई जारी है।

इसी क्रम में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार विभागीय अमले द्वारा पुनः बसाहट सातभाई ढाना का भ्रमण कर ग्रामवासियों से चर्चा की गई। वर्तमान में सभी घरों में स्थिति सामान्य पाई गई तथा किसी भी नए व्यक्ति के अस्वस्थ होने की सूचना नहीं मिली। पूर्व में अस्वस्थ रहे सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य लाभ लेने के पश्चात स्वस्थ होने की जानकारी ग्रामीणों ने दी।
जिला प्रशासन द्वारा पेयजल सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता के साथ निरंतर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।